इस लेख के
माध्यम से विस्तार से जानेगे 1 अप्रैल मोदी की परीक्षा पे चर्चा, साथ ही मोदी के 9 साल
के अप्रैल फूल कार्यकाल पे सर सरी तौर पर नज़र
डालेंगे :-
मोदी ने परीक्षा पे चर्चा के माध्यम से ,छात्रों को
ज्ञान बांटा वो भी 1 अप्रैल ये दिन आपके
और हमारे लिए उपयोगी भले न हो लेकिन मोदी केलिए इससे सुभ दिन क्या हो सकता है। मोदी
से बड़ा वाला और कौन होगा जो देश की जनता को सबसे ज्यादा मुर्ख बनाया हो ?
याद करिये
वो दिन जब 2014 में मोदी को यही सोच कर वोट दिया था ,15 लाख ,काला धन आएगा ? ईमानदार
सरकार आने वाली है ?
फिर क्या
आगई सरकार प्रचंड बहुमत से ,मोदी ही मोदी ,एक छत्र साम्राज्ज्य लंका अधिपति सिंघासन
आरूढ़ होगये।
न 15 लाख
मिला ,न काला धन Black Money आया ,ऊपर से नोटबंदी (Demonetization) ,GST के नाम पर लंका लगादी आम जन की। मेक इन इंडिया (Make in India) ,स्मार्ट सिटी Smart City ,स्किल इंडिया ,ऐसी बहुत सी योजनाओ के शिगूफे छोड़े गए ,जनता हाँथ मलती
रह गई। मोदी सरकार अपनी जेबे भरने में लग गई।

दिन भर टे टे पो पो करने वाले खबरिया दलाल godi media के मुँह में भी कुछ माल मलाई ठूस दी।
जिससे मधुर स्वर ही निकले ,जुबान खुले तो यही कहे वाह मोदी जी कमल के कमान से क्या तीर चलाया । खैर 8 साल से यही सब देख ,सुन ,अब तो आप भी उबाऊ पकाउ होचले होंगे ? है की नहीं।
विषय पर
लौटते है ,परीक्षा में चर्चा ; खूब ज्ञान गणित दिया ,सफलता के वे सूत्र दिए,बताये जो
मोदी पर लागु नहीं होते।
मोदी को ज्ञान ही देना है तो अपना वास्तविक अनुभव
साझा करे ,फर्जी ,डिग्री और डिप्लोमा कैसे बनवाये जाते है ,ठगी ,बेईमानी , 2 और 2
,5 कैसे होते है।
दिन भर टेलीप्रॉम्प्टर लगाकर बकझक करने वाले मोदी ,महंगाई ,बेरोजगारी पर बात भी नहीं करते। पढ़े लिखे डिग्री
,डिप्लोमा वाले बेरोजगार युवाओ को पकौड़ा तलने की ट्रिक ही बता देते।
चाटुकार
सलाहकार समझाते होंगे ;सर इस पर बात भी नहीं
करना ,राष्ट्रवाद सबसे बड़ा हथियार है उसी से जनता का शिकार करना है।
समय का फेर
है ,सरकार ,जनता केलिए नहीं ,जनता सरकार केलिए है।
खैर यदि
आप को देश की समस्या से कोई लेना देना नहीं ,सामंतवादी है ,महगाई ,बेरोजगारी से कुछ
फर्क नहीं पड़ता तो जरूर मोदी भक्त बनिए ,गुण गान करिये ,क्योकि यही पाखंडवाद है।
वही
अगर सही अर्थ में आपके अंदर राष्ट्रवाद है
तो इस मुश्किल दौर ,पाखंडवाद के साम्राज्ज्य में प्यार ,मोहब्बत ,अमन ,चैन का
चुनाव करिये ,अपने तथा अनन्य अन्य जन के प्रति संवेदनशील बनिए,आपसी प्यार एक दूसरे केप्रति
सहयोग की भावना रखिये।
जातिगत ,धार्मिक कलह से दूर रहे ,नफरत की राजनीती
करने वालो से सतर्क रहे और दुसरो को भी ऐसे लोगो से सावधान करे। यही देश प्रेम की भावना
आप को और आपसे जुड़े लोगो को सच्चा सुख देने
वाला है।
वही जो आज
हमें और आप को आस्मां के सितारे मालुम पड़ते
है ,लगता है जो है यही सब कुछ है , क्योकि झूठ के पैर नहीं होते वो जमीन पर टिक नहीं
सकता। ये मन की बात करने वाले पाखंडी जो सच का कभी मुँह भी नहीं देखते धुंध छटने पर
अपने मुँह कालिख पुतवा कर ही जाएंगे ।
वही मोदी
की गोदी वाले ,जिन्हे दिन भर पढ़ते और सुनते है ; जिनकी जुबान इनके पैरो तले चाटुकारिता
से सनी है,पाखंडवाद को ही राष्ट्रवाद कहते है।
धुंध छटने पर यही लोग सबसे ज्यादा विरोध करने वालो में से होंगे ,क्योकि ये
हवा के साथ बहने वाले लोग है। नीचता ,छल ,कपट
मलाई चाटने वाले दलालो की फितरत में है।
देश के वास्तविक मुद्दों पर बात न करने वाले फिल्म जगत के ऐसे तथाकथित संप्रभु लोग जो सिर्फ अपने मतलब से मतलब की बाते करते है
डीज़ल ,पैट्रॉल भरवाने खुद तो जाते नहीं होंगे ,खुदा न खस्ता कभी पैट्रॉल पम्प पहुँच ही गए तो क्या कहोगे ?
वही डाल दो जो सब मे डालते हो ?
इन्हे लगता है देश के मसले पे बात की तो पाखंडवादी राष्ट्रवादि दल बल के साथ चढाई कर देंगे ,इनकी अपनी पोल खुलने लगेगी ,ED ,CBI, नारकोटिक मोदी सबको पीछे लगा देगा ।
ऐसा नहीं है सच से अनजान होंगे , जानते ,समझते हुए भी यही समझा जा सकता है ,जब आप स्वयं में गलत होते है तो गलत का साथ देना आपकी मजबूरी बन जाती है। सबका अपना विवेक और चुनाव है।
दूसरे देश के मसाइल ,मस्जिद ,मसले पर बात करने से पहले ,अपने गिरबां में झांक कर देखना चाहिए ,मोदी से यह तो सीखा जासकता है ,दुसरो को मुर्ख समझते ,बनाते ,बनवाते ,खुद भी उसी व्याधि का शिकार होजाते है।
मोदी को देश का पीएम नहीं "BJP के PM" कहे तो ही बेहतर होगा। लोकतंत्र को पी जाने वाले
मोदी की सर्कस सरकार साल भर से आजादी का अमृत महोत्सव मना रही है , जम के कम्पैनिंग चल रही है ,खैर ये उनके लिए अमृत काल ही है ,जनता केलिए ठनठन गोपाल है।
ये चाटुकारिता
बड़ी धूर्त किस्म की चीज है ,इंसान फिर इंसान नहीं रह जाता जूता हो जाता है। ये बात
अलग है कुछ समय केलिए ख़ुशी होती है ,साहब ने पहना है ,साहब की छत्र छाया में है। धन
,मान ,सम्मान ,चमचागिरी में ही है तो बुरे की बुराई करने में क्या रखा है तारीफ ही
करो?खैर जनता केलिए तो 365 दिन मुर्ख दिवस April fool day ही है।
भावार्थ :-
"उधार
का धन ,उधार का ज्ञान और उधार का पीएम बोझ के समान है। "