बीजेपी के 15 साल के सुसासन की हकीकत !!!
2013 में जब व्यपम घोटाला सार्वजनिक हुआ ,जिसे सुन हर कोई स्तब्ध रह गया ,ये घोटाला हमारे समाज का एक शर्मनाक सच है ,जिसे किसी भी सुरते हाल स्वीकार नहीं किया जा सकता है.
कई लोग मरे गए हजारो युवा दर- बदर की ठोकर खाने को मजबूर है ,घुस खोर और पैसो से नौकरिया खरीदने वाले लोग समाज में भ्रस्टाचार को ही बढ़ावा देंगे .डॉक्टर जिन्हे हम भगवान् का दर्जा देते है ,पैसो के दम पर आज कई मुन्ना भाई सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में लोगो की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे है .
पैसा देकर जो पुलिस में भर्ती हुए है क्या वो ईमानदारी से काम करेंगे? ,क्या लोगो से पैसे नहीं ऐंठेगे ? क्या चोर खुद चोर को पकडेगा ?
सरकारी विभाग का बाबू जो घुस देकर ही वहाँ तक पहुंचा है ,क्या वो ईमानदारी से काम करेंगे ? क्या वो जनता से पैसे नहीं वसूलेंगे ?
इस तरह के घोटाले लोगो के मन में एक आम धारणा को बल देती है की नेता और अफसर ईमानदार नहीं होते है ? लेकिन क्या इतना कह देने भर से हमारी जिम्मेदारी खत्म होजायेगी ,ये सवाल खुद से है ,क्या हम इन्हे माफ़ कर सकते है ? बीजेपी जो सुशासन का दम्भ भर्ती है ?अपनी काली करतूतों पर हमेसा पर्दा डालती है क्या हम इन्हे माफ़ करेंगे ?
हमें जरुरत है जागरूक होने की ,सवाल करने की ,15 साल से सत्ता में बैठे लोगो से .जिनके जुमले तो बहुत दीखते है लेकिन काम नहीं दीखता .
गाय को हम अपनी माँ का दर्जा देते है .ये बात हमने अपने संसकारो से जाना है ,आपके ढोल पीटने से नहीं. अगर गाय आपके लिए एक चुनावी मुद्दा नहीं होता , तो जब सड़को पर गए काटी जाती है तब आप इतने असहाय नहीं होते बल्कि कुछ ढोस कदम उठाते ,गो रक्छा दाल के नाम पर होने वाली गुंडा गर्दी को रोक ते.गाय आपके लिए मज़बूरी है या मुद्दा ये बात अब जनता भी जान चुकी है आपने हिन्दुओ की आस्था को व्यपार जरूर बना दिया.बाजर गरम (बीजेपी लहार )है, खरीदार(भक्त ) भी बहुत है ,आप की हर कीमत (घोटाले )उन्हें मंजूर है .
लेकिन इन खरीदारों को एक दिन पता चलेगा स्वदेशी का लेवल लगा कर चीन का माल ही चिपका रहे है ,रोजगार झांसा देकर सैकड़ो एकड़ की जमीन बाबा रामदेव जैसे पूंजीपतियो को कौड़ियों के दाम बेंच रहे है ,TCS ,इनफ़ोसिस जैसी बड़ी -बड़ी कंपनीयो को भी रोजगार के नाम कौड़ियों के भाव जमीन बेंची थी ,१० साल से ज्यादा होगये क्या हुआ उनका कहा है नौकरी , सायद जबाब यही होगा काम होरहा है ,जल्द ही हजारो युवाओ को रोजगार मिलेगा या फिर कोई नया जुमला होगा .
अपनी हर नाकामी केलिए कांग्रेस को आखिर कब तक जिम्मेदा ठहराओगे या अब रोड पानी ,बिजली से अपनी गाड़ी आगे भी बढ़ाओगे .इससे ज्यादा अपने कोई काम नहीं किया ,ये तीनो हमारी मुलभुत जरुते है ,आपने कोई एहसान नहीं किया . कब तक इसी के दम पर वोट लोगे . किसान आत्महत्या कर रहे है , ,उत्पादन तो बढ़ रहा है लेकिन उत्पादक परेशान है .
उन्हे उनके उत्पादन का उचित दाम नहीं मिल रहा, किसान बधुआ मजदुर होने को मजबूर है ,आंकड़े बताते है ,हर साल खेतिहर मजदूरों की संख्या दिन ब दिन बढ़ रही ,उनके पास इसके अलावा कोई चारा ही नहीं बचा ,हर छेत्र में आपको नाकामयाबी ही मिली ,चाहे रोजगार की बात हो,शिक्षा ,व्पायर,कृषि की हो , लेकिन ढोल यही पीटेंगे हम ने भ्रस्टाचार नहीं किया , भ्रस्टाचार नहीं किया तो पैसा जाता कहा है ,विकाश तो कही दीखता नहीं ,सिर्फ योजने ही दिखती है ,उन योजनो में काम नहीं दीखता ,रोज नयी योजने लांच होती है .
ऐसा लगता है सरकारी अफसर खुद अस्मंज्हस में है की कौन से योजना में करना
क्या है .यहाँ पर बीजेपी की एक योजना का जिक्र करना लाजमी बनता है 'हैप्पी मंत्रायल 'खली पेट जनता कैसे हैप्पी रहेगी ,अपने आप में हस्साष्पद सी बात लगती है .इसतरह की योजना की जरुरत जनता को नहीं ,हां बीजेपी को जरूर है , क्योकि बिना मेहनत के पैसा आने पर इन्सान को नींद कम बेचैनी ज्यादा होती है .इसलिए ये योजना, आप को ही मुबारक हो , क्योकि बीजेपी के लिए आगे आने वाले चुनावों में इसकी बहुत जरुरत पड़ने वाली है.
जनता ने अब मन बना लिया है ,बीजेपी को सबक सीखने की , सायद यही समय की मांग और जरुरत भी है .
धर्मेंद्र मिश्रा
धर्मेंद्र मिश्रा
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