हिंदी कविता
सच और झूठ का क्या मेल होगा?
मिल जाये तो चमत्कार ही होगा!
झूठ हवा मे उड़ता है,
सच घिसट घिसट कर चलता है,
कलयुग मे ऐसा ही होता है,
झूठ पूजा जाता है,
सच को लतियाया जाता है ,
गरीब को रोटी नही देंगे,
कोई बाबा चमत्कार दिखा दे,
अपनी जागीर लिखा देंगे ।
-धर्मेंद्र मिश्रा
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